Covid-19 Oxygen : दिल्ली के ‘जय-वीरू’, 1400 किमी का सफर तय कर ऑक्सिजन लाया जिगरी यार

Oxygen For Covid19 Patient : कहते हैं कि जिंदगी में कुछ बनाओ या न बनाओ लेकिन एक दोस्त ऐसा बनाओ जिसके लिए आप और आपके लिए वो जरुरत पड़ने पर जान की बाजी लगाने से न हिचके। हर इंसान की जिंदगी में एक न एक ऐसा ही दोस्त जरूर होता है।आइए आपको बताते हैं दिल्ली के ‘जय-वीरू’ के बारे में…

हाइलाइट्स:

  • दुनिया में सबकुछ उसने कमाया, जिसने कमाई दोस्ती
  • जानिए दिल्ली के जय-वीरू की कहानी
  • कार में ऑक्सिजन लेकर दिल्ली से पहुंच गए रमेश
  • वक्त पर जिंदगी की सांसें देकर बचा ली कोरोना पीड़ित दोस्त की विनोद की जान
दिल्ली :
दौलत कमाई, शोहरत कमाया… इज्जत कमाई कुछ न कमाया। दुनिया में उसने सबकुछ कमाया, जिसने कमाई दोस्ती… जिंदगी का नाम दोस्ती… दोस्ती का नाम जिंदगी। ये सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि जिंदगी का सबसे खूबसूरत रिश्ता है। शायद आपके जीवन में भी ऐसा एक दोस्त होगा जिसे आप जिगरी या लंगोटिया भी कहते होंगे। कोरोना काल में कुछ ऐसी ही कहानी है बोकारो और नोएडा के ‘जय-वीरू’ की।

1400 किमी का सफर तक जिगरी के लिए ले आया ऑक्सिजन
दिल्ली  में रहने वाले  रमेश  और पाली में रहने वाले विनोद दोस्त हैं। दोस्ती ऐसी कि एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार। देश में कोरोना ने जब कहर बरपा रखा है तो उसकी चपेट में पाली में रहने वाले विनोद भी आ गए। उनका ऑक्सिजन लेवल लगातार गिरता जा रहा था, लेकिन ऑक्सिजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। उधर डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि मरीज की जान बचाने के लिए ऑक्सिजन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

आजकर इंटरनेट के जमाने में कोई बात कहां कहीं रुकती है। ऐसे में विनोद के दोस्त रमेश   तक ये खबर आ गई। दिल्ली में तो ऑक्सिजन नहीं था लेकिन बोकारो में विनोद के दोस्त रमेश ने ऑक्सिजन का जुगाड़ कर लिया। लेकिन सिलेंडर का जोधपुर
पहुंचना जरुरी था। दोस्त की जान बचाने के लिए बोकारो से 1400 किलोमीटर का सफर कार तय कर रमेश जिंदगी की सांसें ले आए।

कार में ऑक्सिजन लेकर निकल गया दोस्त
ऑक्‍सीजन सिलेंडर मिलने के बाद रमेश खुद रविवार सुबह अपनी कार से जोधपुर  के लिए निकल पड़े और करीब 18 घंटे में पहुंच गए। हालांकि इस दौरान राज्‍यों के बॉर्डर पर उनसे पुलिस ने पूछताछ भी की, लेकिन दोस्‍त की जान बचाने की बात ने उन्‍हें रुकने नहीं दिया। पुलिस को भी ये महसूस हुआ कि इस वक्त जय-वीरू यानि रमेश विनोद  के बीच फासले जितनी तेजी से कम किए जा सकें उतना अच्छा।

आखिर में रमेश वक्त रहते जोधपुर  पहुंच गए। फौरन ऑक्सिजन विनोद को लगाया गया और उनका लेवल देखा जाने लगा। दोस्त के लाए ऑक्सिजन के लगते ही विनोद की हालत अब सुधरने लगी है।

दोस्त ऐसा तो कोरोना की क्या औकात’

इसी बीच जब रमेश   सिलेंडर लेकर जोधपुर  पहुंचे तो विनोद सीरवी  की आंखें भर आईं। इसके बाद उन्‍होंने कहा कि जब मेरे पास ऐसा दोस्त है तो कोरोना की क्या औकात जो मेरा कुछ बिगाड़ ले। विनोद के जानने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि भगवान ऐसा दोस्त सभी को दे। दूसरी तरफ बोकारो से  जोधपुर आने वाले रमेश अब अपने दोस्त के पूरी तरह से स्वस्थ होने तक यहीं मोर्चा थामे रहना तय कर चुके हैं।

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