गर्दन में दर्द :लक्षण,कारण,उपचार इत्यादि (Neck pain in Hindi)

गर्दन में दर्द :लक्षण,कारण,उपचार इत्यादि (Neck pain in Hindi)

Neck pain in Hindi

गर्दन में दर्द की समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है।
जहां एक,ओर कुछ लोग एक्सराइज़ या इलाज के अन्य तरीके से ही मिल जाता है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह काफी सारी परेशानियों का कारण बन जाता है।
उन्हें किसी भी तरह से आराम नहीं मिलता है, तब उन्हें इसके लिए मेडिकल सहायता लेनी पड़ती है।
यह समस्या दिन-प्रतिदिन काफी तेज़ी से फैल रही है, जो काफी चिंता का विषय है।
आमतौर पर, ऐसा माना जाता है कि गर्दन में दर्द जैसी समस्याएं उम्रदराज़ लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन द हिंदू के बिजनेस लाइन संस्करण में छपी रिपोर्ट के अनुसार बदन या गर्दन दर्द से पीड़ित लगभग 20 प्रतिशत लोग 16-34 साल के हैं।
यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं, तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें हमने गर्दन में दर्द से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी है।

गर्दन में दर्द क्या है? (What is neck pain? in hindi)

गर्दन में दर्द को सर्वाइकलगिया (cervicalgia) कहा जाता है, जिसमें लोगों में गर्दन में अकड़न महसूस होती है।
आमतौर पर, यह समस्या थोड़ी देर आराम करने या फिर एक्सराइज़ करने से ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार यह लंबे समय तक रह सकती है।

गर्दन में दर्द के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of neck pain in hindi)

किसी भी अन्य बीमारी या हेल्थ प्रॉब्लम की तरह गर्दन में दर्द के भी अपने कुछ लक्षण होते हैं, जो इसकी शुरूआत के संकेत देते हैं।
इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति को अपने शरीर या गर्दन में ये 5 लक्षण नज़र आए, तो उसे तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए-

  1. सिर को एक मुद्रा में काफी देर रखने पर दर्द होना– गर्दन में दर्द होने का प्रमुख लक्षण सिर को एक मुद्रा या दिशा में काफी देर तर रखने पर दर्द होना।
    ऐसी स्थिति में लोगों को सिर को सीधा करने में दूसरे लोगों की मदद लेनी पड़ती है।
  2. सिरदर्द होना- गर्दन दर्द का अन्य लक्षण सिरदर्द होना है।
    आमतौर पर, सिरदर्द काफी सारे कारणों से हो सकता है, जिसकी वजह से लोगों के लिए यह समझना की यह गर्दन दर्द की वजह से भी हो सकता है, थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
  3. सिर हिलाने में परेशानी होना- यदि किसी व्यक्ति को सिर या गर्दन को हिलाने में परेशानी हो, तो उसे इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह गर्दन में दर्द का लक्षण हो सकता है।
  4. मांसपेशियों में अकड़न होना- इस समस्या का अन्य लक्षण मांसपेशियों में अकड़न होना है।
    ऐसी स्थिति में लोगों को बदन दर्द होता है, जिसके लिए उन्हें अक्सर दर्द-निवारक दवाइयों या ही डॉक्टर से मिलने की जरूरत पड़ सकती है।
  5. गर्दन में गांठ बनना- गर्दन में गांठ होना भी गर्दन में दर्द का संकेत हो सकता है, जिसे किसी भी व्यक्ति को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

गर्दन में दर्द किन कारणों से होता है? (Neck pain causes in hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि गर्दन में दर्द काफी आम समस्या बन गई है।
यह समस्या काफी सारे कारणों से हो सकती है, इसलिए इसके सटीक कारणों का पता लगाना काफी मुश्किल हो सकता है।
इसके बावजूद, गर्दन में दर्द पर किए गए अध्ययनों से स्पष्ट है कि निम्नलिखित कारणों से यह समस्या हो सकती है-

  • गर्दन को गलत मुद्रा में रखना- गर्दन में दर्द का प्रमुख कारण गर्दन को गलत मुद्रा में रखना है।
    ऐसा मुख्य रूप से मोबाइल फोन, लैपटॉप, लेटने, खाने इत्यादि की स्थितियों में होता है।
  • गलत तरीके से सोना- यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके में सोता है, तो उसे गर्दन में दर्द की समस्या होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।
  • चोट लगना– अक्सर, चोट लगना भी गर्दन दर्द की वजह बन सकता है।
    ऐसा मुख्य रूप से स्पोर्ट्स इंजरी या फिर अन्य गतिविधियों को करते समय चोट लगने पर होता है।
  • हड्डियों का कमज़ोर होना- यदि किसी शख्स के शरीर की हड्डियाँ काफी कमज़ोर हैं, तो उसे गर्दन में दर्द जैसी समस्या हो सकती है।
  • किसी तरह की बीमारी से पीड़ित होना- कई बार, अर्थराइटिस जैसी बीमारियाँ भी गर्दन में चोट का कारण बन सकती हैं।
    ऐसी स्थिति में इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को अपना इलाज सही तरीके से कराना चाहिए ताकि उन्हें किसी और समस्याओं से न गुजरना पड़े।

गर्दन में दर्द का पता कैसे लगाएं? (Diagnosis of neck pain in hindi)

नेक पेन के काफी सारे ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें यह काफी सारी गंभीर समस्याओं का कारण बन जाती है।
ऐसा मुख्य रूप से गर्दन दर्द की समय रहते पहचान न करने का नतीजा होता है, जिसके चलते इससे पीड़ित लोगों को तकलीफ़ सहनी पड़ती हैं।
इसी कारण, यह जरूरी है कि गर्दन में दर्द का पता सही समय पर करा लिया जाए ताकि इसका इलाज शुरू किया जा सके।
इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति को अपनी गर्दन में किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो वह इन 5 तरीके से यह पता लगा सकता है, कि उसे गर्दन दर्द या अथवा नहीं-

  1. एक्स-रे कराना- गर्दन में दर्द का पता लगाने का सबसे आसान तरीका एक्स-रे करना है।
    ऐसी स्थिति में गर्दन का एक्स-रे किया जाता है ताकि दर्द के सटीक हिस्से का पता लगाया जा सके।
  2. सी.टी.स्केन कराना- अक्सर, इस समस्या की पुष्टि सी.टी.स्कैन के द्वारा भी संभव हो जाती है।
    सी.टी.स्कैन के द्वारा गर्दन के अंदरूनी हिस्से को मॉनिटर किया जाता है।
  3. एम.आर.आई कराना- कई बार, डॉक्टर गर्दन में दर्द का पता लगाने के लिए एम.आर.आई का भी सहारा लेते हैं।
  4. ईएमजी कराना- वर्तमान समय में, इस बीमारी का पता लगाने के लिए ईएमची नामक टेस्ट का भी सहारा लिया जा रहा है।
    इसे इलेक्ट्रोमायोग्राफी (electromyography) नाम से जाना जाता है, जिसे तब किया जाता है, जब किसी व्यक्ति के इस दर्द का जुड़ाव नस से हो।
  5. ब्लड टेस्ट कराना- कई बार, ब्लड टेस्ट कराना भी गर्दन में दर्द के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
    यह टेस्ट शरीर में अंदरूनी सूजन की जानकारी देने में सहायता करता है।

गर्दन में दर्द का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Treatment of neck pain in hindi)

जैसे ही किसी शख्स को खुद के गर्दन में दर्द से पीड़ित होने का पता चलता है, वैसे ही उसे अपना इलाज शुरू करा देना चाहिए।
जितनी देर वह इलाज को शुरू करने में लगाएगा उतने ही उसे कम खतरों का सामना करना पड़ेगा।
इस प्रकार, यदि इस समस्या से पीड़ित कोई व्यक्ति चाहता है कि उसे किसी तरह की परेशानी का सामना करना न पड़े, तो उसे निम्नलिखित तरीके से द्वारा गर्दन में दर्द को दूर करना चाहिए।

  • गर्दन की एक्सराइज़ करना- गर्दन में दर्द का इलाज एक्सराइज़ के द्वारा किया जाता है।
    इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ इस दर्द से पीड़ित लोगों की गर्दन की एक्सराइज़ करने में सहायता करते हैं।
  • थेरेपी कराना- नेक पेन को थेरेपी की सहायता से भी कम किया जा सकता है।
    इस तरह की थेरेपी इस दर्द को कम करने के साथ-साथ इससे पीड़ित लोगों को आराम दिलाने में सहायता करती है।
  • दवाई का सेवन करना- कई बार, डॉक्टर गर्दन में दर्द से पीड़ित लोगों को दवाई भी देते हैं। ये दवाइयां मुख्य रूप से इस दर्द को कम करने के साथ-साथ फैलने से भी रोकती हैं।
  • स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाना- अक्सर, गर्दन में दर्द को कम करने के लिए स्टेरॉयड इंजेक्शन (steroid injection) का भी सहारा लिया जाता है।
    ये इंजेक्शन गर्दन के दर्द वाली जगह पर लगाए जाते हैं, जिससे इससे पीड़ित लोगों को आराम मिलता है।
  • सर्जरी कराना- जब गर्दन में दर्द किसी भी अन्य तरीके से ठीक नहीं होता है, तब इसका इलाज करने का एकमात्र विकल्प सर्जरी ही बचती है।
    अत: गर्दन दर्द को कम करने के लिए सर्जरी भी कारगर तरीका है।

गर्दन में दर्द के लिए सेल्फ ट्रिटमेंट कैसे करें? (Self-treatment for neck pain in hindi)

हालांकि, गर्दन में दर्द का इलाज मेडिकल सहायता संभव है, लेकिन इसके लिए स्वयं उपचार या सेल्फ ट्रिटमेंट भी किया जा सकता है।
यह सबसे किफायदी और आसान तरीका है, जिसे गर्दन में दर्द के शुरूआती स्तर पर किया जा सकता है।
अत: यदि कोई गर्दन में दर्द से पीड़ित है, तो वह इन 5 तरीके से इससे छुटकारा पा सकता है-

  1. योगा करना– गर्दन में दर्द को योगा के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
    इसके लिए संगासान, मत्यासान, सेसुबंध आसान जैसे योगासान को करना लाभकारी साबित हो सकता है।
  2. एक्सराइज़ करना- योगा के अलावा, गर्दन में दर्द के लिए एक्सराइज़ भी किया जा सकता है।
    इसके लिए दाई-बाई ओर घुमाना, गर्दन को आगे-पीछे हिलाना, गर्दन को ऊपर-नीचे हिलाना इत्यादि एक्सराइज़ की जा सकती हैं।
  3. गर्दन पर गर्म या बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करना- अक्सर, इस दर्द के लिए गर्म पानी या बर्फ के टुकड़े का गर्दन पर रखना या इस्तेमाल करना लाभकारी साबित हो सकता है।
    इस प्रकार, ऐसा करने से गर्दन दर्द कम हो सकता है।
  4. सिकाई करना- शरीर के अन्य अंगों पर दर्द के समान गर्दन दर्द के लिए भी सिकाई करना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
    अत: इस स्थिति में सिकाई की जा सकती है जिससे यह दर्द कम हो सके।
  5. गर्दन को धीरे-धीरे हिलाना- चूंकि, गर्दन में दर्द होने पर गर्दन अकड़ जाती है, जिसकी वजह से उनके लिए गर्दन को हिलाना भी मुश्किल हो सकता है।
    ऐसी स्थिति में गर्दन को धीरे-धीरे हिलाना सहायक तरीका साबित हो सकता है।

 

 गर्दन में दर्द से बचाव कैसे किया जा सकता है? (How to prevent neck pain? in hindi)

हालांकि, गर्दन में दर्द की समस्या से काफी सारे लोग जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राहत की बात यह है कि किसी भी अन्य समस्या की तरह गर्दन में दर्द से भी बचाव संभव है।
इसी कारण, यह कोई व्यक्ति निम्नलिखित कदमों को उठाए तो वह इस समस्या से बचाव कर सकता है-

  • सही मुद्रा में रहना- गर्दन में दर्द से बचाव करना सबसे आसान तरीका गर्दन को सही मुद्रा में रखना है।
    ऐसा करने से गर्दन की मांसपेशियों को राहत मिलती है, जिससे दर्द से बचा जा सकता है।
  • काम के बीच में ब्रेक लेना- चूंकि, गर्दन को काफी देर तक एक दिशा या मुद्रा में रखने से गर्दन में दर्द होता है।
    इसी कारण, इस दर्द से बचने के लिए काम के बीच में ब्रेक लेना चाहिए ताकि गर्दन को आराम मिल सके।
  • फोन को कान और कंधे के बीच में न रखना- हममें से कुछ लोगों को फोन को काम और कंधे में बीच में बात करने की आदात होती है।
    ऐसा करना कई बार गर्दन में दर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए हमें इससे बचना चाहिए ताकि इस दर्द से बचा जा सके।
  • धूम्रपान न करना- काफी सारी समस्याएं नशीले पदार्थ या धूम्रपान का सेवन का नतीजा होती हैं।
    इनमें गर्दन दर्द भी शामिल हैं, इसलिए हमें धूम्रपान नहीं करना चाहिए ताकि हम गर्दन में दर्द जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
  • सही मुद्रा में सोना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि गर्दन दर्द सही मुद्रा में सोने का भी नतीजा होता है।
    अत: हमें सही मुद्रा में सोना चाहिए ताकि हमें गर्दन में दर्द जैसी समस्या न हो।

आज के टेक्नोलॉजी भरे युग में, जहां हम सभी लोग गैजेट्स से घिरे हुए हैं, वैसे में काफी हेल्थ प्रॉब्लम भी फैल रही हैं।
इनमें गर्दन में दर्द (neck pain) भी शामिल है, जिनकी वजह से लोगों को गंभीर बीमारियों जैसे दिल संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर इत्यादि का भी शिकार होना पड़ता है।
आमतौर पर, काम के बोझ के कारण ही हम इस समस्या की ओर ध्यान नहीं देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती है।
अत: यह जरूरी है कि गर्दन में दर्द क नज़रअंदाज़ न किया जाए और इसका सही तरीके से इलाज करा जाए।
इस प्रकार, हमें उम्मीद है कि आपके लिए इस लेख में दी गई जानकारी लाभकारी साबित होगी और आप गर्दन में दर्द से बचाव के साथ-साथ इसका इलाज भी सही तरीके से कर पाएंगे।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S) Neck pain in Hindi

Q1. क्या गर्दन में दर्द किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है?
Ans- 
आमतौर पर, गर्दन में दर्द सामान्य समस्या है, जो आराम या एक्सराइज़ करने पर ठीक हो जाता है।
यदि यह लंबे समय तक ठीक न हो तो यह सायटिका जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
Q2. 
गर्दन में दर्द को कैसे कम किया जा सकता है?
Ans- 
गर्दन में दर्द को कम करने के काफी सारे तरीके मौजूद हैं, जैसे गर्दन की एक्सराइज़ करना, थेरेपी लेना, योगा करना, दवाई लेना इत्यादि।
Q3. 
क्या गर्दन में दर्द कैंसर का संकेत हो सकता है?
Ans- 
जी नहीं, गर्दन में दर्द कैंसर का संकेत नहीं होता है।
हालांकि, इस दौरान लोगों को काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिनकी वजह से उनके मन में काफी सारे नकारात्मक ख्याल भी आते होंगे।
इसके बावजूद गर्दन दर्द का कैंसर के साथ किसी तरह का नाता नहीं है।
Q4. 
गर्दन में दर्द होने पर किस तरह से सोना चाहिए?
Ans- 
गर्दन में दर्द होने पर लोगों को तकिये का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और इसके अलावा उन्हें गद्देदार बिस्तर की बजाय सख्त बिस्तर पर सोना चाहिए।
Q5. 
गर्दन में दर्द कितने समय तक रह सकता है?
Ans- 
गर्दन में दर्द मुख्य रूप से 3-5 दिनों तक ही रहता है, इसके बाद इसमें आराम शुरू होने लगता है।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को गर्दन में दर्द लंबे समय तक रहे तो उसे तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपनी गर्दन की जांच करानी चाहिए क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
Q6. क्या बिना तकिये के सोना गर्दन के लिए सही है?
Ans-
 जी हां, बिना तकिये के सोना गर्दन के लिए सही है क्योंकि इससे गर्दन सीधी मुद्रा में रहती है, जिससे गर्दन दर्द में आराम मिलता है।
इस प्रकार, इस समस्या से पीड़ित लोग इस तरीके को अपना सकते हैं।
Q7. 
गर्दन में दर्द होने पर किस तरह का भोजन करना चाहिए?
Ans
– गर्दन में दर्द होने पर लोगों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्हें इस दौरान अधिक मात्रा में हरी सब्ज़ियों, फलों, होल ग्रेन, हेल्थी ऑयल, मछली इत्यादि का सेवन करना चाहिए।

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This Post Has One Comment

  1. Anita

    Good information

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